पहाड़े
पहाड़े ज़ुबानी याद हों तो आगे का सारा गणित तेज़ हो जाता है — भाग, भिन्न, प्रतिशत और मन ही मन हिसाब लगाने की हर तरकीब इन्हीं पर टिकी है। अच्छी बात यह है कि 144 सवाल रटने की ज़रूरत नहीं। ज़्यादातर तो अपने आप मिल जाते हैं।
सचमुच मुश्किल सिर्फ़ छह के आसपास हैं
पूरे 144 से शुरू कीजिए और वह सब हटा दीजिए जो असल में याद करने की चीज़ है ही नहीं:
- ×1 और ×10 नियम हैं, याद करने की बात नहीं। 36 गए।
- ×2 यानी दुगुना करना, जो लगभग सबको पहले से आता है। और ×5 तथा ×9 के पैटर्न इतने पक्के हैं कि उन्हें याद करने की नौबत ही नहीं आती (नीचे देखिए)।
- हर सवाल का एक जुड़वाँ है। 3 × 8 और 8 × 3 एक ही सवाल हैं। बचे हुए में से आधे यहीं कम हो गए।
जो बचता है वह एक छोटा-सा केंद्र है — मोटे तौर पर 6×7, 6×8, 7×8, 7×9, 6×6 और 7×7। ध्यान कहीं लगाना है तो यहीं लगाइए। नीचे की तालिका में ये उभारकर दिखाए गए हैं।
काम की तरकीबें, पहाड़ा दर पहाड़ा
×9 — उँगलियों पर
दसों उँगलियाँ खोल लीजिए। 9 × 4 के लिए चौथी उँगली मोड़ दीजिए: बाईं ओर 3 उँगलियाँ (30) और दाईं ओर 6 (6) → 36।
×5 — आधा कीजिए, फिर ×10
का आधा 4 → 40। हर उत्तर 0 या 5 पर ख़त्म होता है।
×4 — दुगुना, फिर दुगुना
4 × 7 → 14 → 28। इसी तरह ×8 यानी तीन बार दुगुना।
×11 — अंक दोहरा दीजिए
एक अंक हो तो उसे दो बार लिख दीजिए: 11 × 7 = 77। दो अंक हों तो उन्हें जोड़कर बीच में रख दीजिए: 11 × 23 → 2 (2+3) 3 → 253।
×3 — दुगुना, फिर एक बार और
का दुगुना 14, और 7 → 21। जब तक तीन का पहाड़ा जमा नहीं है, यह काम आता है।
×6 — पाँच का पहाड़ा जो आपको आता ही है, और एक बार
, और 7 → 42। तालिका के मुश्किल बीच तक पहुँचने का यह सबसे तेज़ रास्ता है, क्योंकि पाँच का पहाड़ा आसान है।
तालिका, मुश्किल सवाल उभारकर
| × | 3 | 4 | 6 | 7 | 8 | 9 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 3 | 9 | 12 | 18 | 21 | 24 | 27 |
| 4 | 12 | 16 | 24 | 28 | 32 | 36 |
| 6 | 18 | 24 | 36 | 42 | 48 | 54 |
| 7 | 21 | 28 | 42 | 49 | 56 | 63 |
| 8 | 24 | 32 | 48 | 56 | 64 | 72 |
| 9 | 27 | 36 | 54 | 63 | 72 | 81 |
एक बात पकड़ रखने लायक: 56 = 7 × 8 को 5, 6, 7, 8 की तरह पढ़ा जा सकता है।
ऐसे अभ्यास कीजिए कि टिके
क्रम मिला दीजिए
“3, 6, 9, 12…” रटने से एक कड़ी बनती है, याद नहीं। बिना तैयारी 3 × 7 पूछा जाए तो कड़ी वाला बच्चा शुरू से गिनने लगता है। मिले-जुले सवाल याद को सचमुच खंगालने पर मजबूर करते हैं, और यही चीज़ याददाश्त को मज़बूत करती है।
थोड़ा और रोज़
रोज़ के पाँच मिनट रविवार के एक घंटे पर भारी पड़ते हैं। कोई सवाल हर बार याद से निकालने पर पक्का होता है, इसलिए दस दिन में फैले दस बार, एक ही बैठक के पचास बार से कहीं ज़्यादा क़ीमती हैं।
अंतराल बढ़ने दीजिए
जो सवाल सही हो रहे हैं वे कम बार लौटें, जो ग़लत हो रहे हैं वे जल्दी लौटें। इसी को अंतराल-आधारित दोहराव कहते हैं, और इसी वजह से एक अच्छा अभ्यास ऐप काग़ज़ की वर्कशीट से बेहतर है — वर्कशीट सब कुछ बराबर पूछती है, चाहे ज़रूरत हो या न हो।
पहले सही, फिर तेज़
जो सवाल अभी जमा नहीं है, उस पर घड़ी लगाना अंदाज़ा लगाना सिखाता है। पहले हर बार सही आने दीजिए; तेज़ी अपने आप आ जाएगी।
चार हफ़्ते का क्रम
- पहला हफ़्ता: मुफ़्त वाले — ×1, ×2, ×5, ×10। रोज़ पाँच मिनट की आदत बना लीजिए।
- दूसरा हफ़्ता: ×9 (उँगलियाँ) और ×3 (दुगुना और एक बार और)। पहले हफ़्ते वाले भी मिलाते रहिए।
- तीसरा हफ़्ता: ×4 और ×8, दुगुना करके। पिछले दोनों हफ़्तों का सब कुछ मिश्रण में बना रहे।
- चौथा हफ़्ता: मुश्किल केंद्र — 6×6, 6×7, 6×8, 7×7, 7×8, 7×9। छह सवाल, एक हफ़्ता: समय भरपूर है।
स्वाइप करके अभ्यास
Math Challenge इसे एक तेज़ स्वाइप खेल बना देता है: मिले-जुले क्रम में सवाल, कठिनाई जो आपकी ग़लतियों के हिसाब से ढलती है, और मुश्किल सवाल जो बार-बार लौटते हैं — ऊपर लिखा क्रम, बिना उसे ख़ुद चलाए। दैनिक चुनौती मुफ़्त है और उसके लिए कोई खाता नहीं चाहिए।
आपकी बारी
तीन सवाल — जो जवाब लगे उस पर टैप कीजिए।
7 × 8
6 × 9
12 × 12
पहाड़े मुफ़्त में अभ्यास कीजिए →
जब याद अपने आप आने लगे, तो मानसिक गणित की तरकीबें (अंग्रेज़ी में) अगला स्वाभाविक क़दम हैं — उनमें से लगभग हर तरकीब मानकर चलती है कि पहाड़े पलक झपकते आते हैं।